आदरणीय़ ग्रामवासियों, मंढा भोपावास, जोरपुरा, तिबारियां, सुन्दरियावास, कूड़िओं का बास, चुनाव से पहले अगर मंढा से जोरपुरा सड़क का ये निर्माण नही हुआ तो मै अगले चुनाव मे राईट टू रिजेक्ट के बटन दबाकर सभी प्रत्याशियों को बहिस्कार (नाटो ) , "इनमे से कोई नही"के अधीकार का उपयोग कर अपना विरोध करूँगा. जो कोई इस सड़क की लड़ाई मे साथ देना चाहे वो अपना नम्बर और नाम मुझे भेजो. हामारे लिये रोड़ नही तो हमारा कोई प्रत्याशि नही. आज हमारे क्षेत्र मे ये सारी सड़के चाहिये ज़िससे लगभग 25 हजार लोग प्रभावित है. 1. मन्ढा से जोरपुरा (तहसील झोटवाड़ा जिला जयपुर राजस्थान) 2. सुन्दरिय़ावास से जाखड़ो का मोड (तहसील झोटवाड़ा जिला जयपुर राजस्थान) 3. तीबारिया से खोकरो , सेपटो की ढाणी (तहसील झोटवाड़ा जिला जयपुर राजस्थान) 4. सुन्दरिय़ावास से तन की ढाणी (तहसील झोटवाड़ा जिला जयपुर राजस्थान) 5. पचार से तन की ढाणी (तहसील झोटवाड़ा जिला जयपुर राजस्थान) सभी नागरिक जनो और विशेश तौर से नौजवांनो से मै सहयोग की आशा करता हुं ज़िससे हमारा क्षेत्र आज तक इन सड़को से वंचित रहा है उसके ज़िम्मेदार हम खुद भी हैं. क्यो...
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सरकारी स्कूलो की दुर्दशा और निजी स्कूलो की मनमानी।
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लेखक:
Rendheer Singh
सरकारी स्कूलो की दुर्दशा और निजी स्कूलो की मनमानी। .. आज मै अपने विचार जो व्यक्त कर रहा हूँ वो सरकारी स्कूलों की दुर्दशा के बारें मैं है . दोस्तों मेरी उम्र ३८ साल है और मैंने अपनी शिक्षा सरकारी स्कूल मैं ही पूरी करी है। मेरा जहाँ तक खुद का तजुर्बा रहा है . मेरा मतलब जब मैंने अपनी पढाई सरकारी स्कूल मै करी थी उस समय सरकारी स्कूलों की स्थति ज्यादा सही थी . जैसे की मैंने 1996 मैं बारहवीं पास करी थी तो ये ज्यादा पुरानी बात नहीं है . पर हां उस समय हमारे गांव मैं कुछ निजी स्कूल शुरू हो चुके थे जहाँ मेरा छोटा भाई भी पढ़ने जाता था . जब मैंने बारहवीं पास करी उस समय मेरा छोटा भाई सातवी कक्षा में होगा। मैं अपने गांव से ९ मील दूर जोबनेर कस्बे मैं पढ़ने जाता था . जहा मैंने नवीं से बारहवीं तक की पढाई पूरी करी थी . मुझे स्कूल जाने आने मैं जो समय लगता था वो तक़रीबन चार घंटे होते थे . यानि की बारह घंटे मैं से चार घंटे तो मेरे आ...